छत्तीसगढ़

Bageshwar Dham: शादी की अटकलों के बीच शास्त्री बोले- जल्द करूंगा विवाह, मगर ज्यादा लोगों को नहीं बुला पाऊंगा

नईदिल्ली I मध्यप्रदेश में छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दरबार लगा। इस दौरान एक सहयोगी मीडिया चैनल से बातचीत करते हुए शास्त्री ने अपने विवाह को लेकर बड़ा खुलासा किया। 26 साल के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, वह जल्द ही शादी करेंगे।

दरअसल, बागेश्वर धाम में 121 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। सामूहिक विवाह का यह चौथा साल है। धीरेंद्र शास्त्री ने बताया, इस सामूहिक विवाह में नव दंपतियों को कार और बाइक छोड़ गृहस्थी का सारा सामान दिया जाएगा। यानी कि टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कूलर, सोफे और डबल बेड भेंट किया जाएगा।

विवाह के सवाल पर बोले…
वहीं, जब धीरेंद्र शास्त्री से खुद के विवाह को लेकर सवाल किया गया तो वह अपने चिर-परिचित अंदाज में खिलखिलाते हुए बोले, हमारी शादी की बात भी चलती रहती है। देखिए, हम कोई साधु या महात्मा नहीं हैं, हम बहुत ही सामान्य इंसान हैं। हम अपने इष्ट बालाजी के चरणों में रहते हैं। हमारे ऋषियों की परंपरा में भी बहुत से महापुरुषों ने गृहस्थ जीवन बिताया है। भगवान भी गृहस्थ में ही प्रकट होते हैं। यानी हमारी पहले ब्रह्मचारी, फिर गृहस्थ, वानप्रस्थ और फिर संन्यास की परंपरा है। उसी पर अग्रसर होंगे, हम भी बहुत जल्द शादी करेंगे। हम सबको बुलाएंगे, लेकिन ज्यादा लोगों को बुला नहीं सकते। कौन संभालेगा? इसलिए सब लोगों के लिए शादी का लाइव प्रसारण करवा देंगे।

पाकिस्तान में भी रामकथा करेंगे…
धीरेंद्र शास्त्री ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी रामकथा वाचन की बात कही। धीरेंद्र शास्त्री बोले, हमने बहुत पहले ही पाकिस्तान में रामकथा की घोषणा की थी। अगर वहां लोग तैयारी कर रहे हैं और हमें बुलाते हैं तो हम तो वहां राम कथा करेंगे। उन्होंने अपने हास-परिहास के अंदाज में आगे कहा, बहुत जोरदार कथा करेंगे, जिसके बाद बहुत से पाकिस्तानी भारत में आ जाएंगे, चिंता मत करो।

रामचरितमानस का विरोध करने वालों को मज़ा चखाना पड़ेगा’…
रामचरितमानस को लेकर चल रहे विवाद पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा, यह घोर निंदनीय कृत्य है। इस पर हमारा यही कहना है, इसके पीछे लंबी साजिश है, जो तथा कथित लोगों के द्वारा की गई है। आपके वैचारिक भेद हैं तो ठीक हैं। अपनी बात बोल सकते हैं, पर किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचा सकते। आपको यह अधिकार नहीं है, हम वाणी से बोल सकते हैं, अपनी बात बोल सकते हैं। हमारा इतिहास है, आज तक हमने किसी अन्य धर्म के खिलाफ नहीं बोला, लेकिन अपने धर्म के पक्ष में बोला। रामचरितमानस के साथ जो किया गया, वह निंदनीय है और इसे देखने वाले भी निंदनीय हैं। इसलिए हमने प्रत्येक सनातनी से प्रार्थना की है कि इनको तो मजा चखाना पड़ेगा।