छत्तीसगढ़

मेरी बहनों के गहने उतरवाए और फिर… ED पर बरसते हुए तेजस्वी ने कहा- असली अडानी हम ही हैं

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबियों पर पिछले दिनों केंद्रीय जांच एजेंसियों की छापेमारी हुई. यह कार्रवाई जमीन के बदले नौकरी मामले पर हुई. लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी के यहां भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की थी. इस बीच, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सोमवार को आरोप लगाया कि ईडी ने पिछले हफ्ते उनके दिल्ली स्थित आवास पर आधे घंटे में छापेमारी खत्म कर दी थी, लेकिन वे (ED) ऊपर से आदेश मिलने की प्रतीक्षा करते हुए घर में ही रुके रहे.

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि उनकी विवाहित बहनों और उनके ससुराल वालों के इस्तेमाल किए हुए गहनों की तस्वीरें प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने खींची. बाद में इन्हीं गहनों को बरामदगी के तौर पर दिखाया गया. बिहार विधानसभा के बाहर मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी ने अपराध से अर्जित 600 करोड़ रुपये के बारे में पता चलने के ईडी के दावे को भी खारिज कर दिया.

मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा, “2017 में भी इसी अंदाज में उन्होंने ऐसा किया था. लोग कह रहे हैं, मेरे पास से बहुत दौलत बरामद हुई है. ईडी को ‘ठेंगा मिला है’. मैं उन्हें चुनौती दे सकता हूं… ये जो प्रचार कर रहे हैं. झूठा प्रचार कर रहे हैं. जैसे पता नहीं… असली अडानी मैं ही हूं”

हम वास्तविक राजनीति करने वाले लोग: तेजस्वी

इस दौरान तेजस्वी ने चुटकी लेते हुए कहा, “चाहे गृह मंत्री अमित शाह हों या कोई और इन एजेंसियों की एक ही पटकथा बार-बार दोहराने वाले निर्देशक को अब बदल दिया जाना चाहिए.” इसके साथ ही उन्होंने कहा, “हम बीजेपी और आरएसएस के फर्जी एंटायर पॉलिटिकल साइंस वाले नहीं, बल्कि समाजवादी लोग हैं. हम वास्तविक राजनीति करने वाले लोग हैं. इसके लिए हमारे पास दृढ़ विश्वास व जनता का अपार समर्थन है, लेकिन वे डरे हुए हैं, और राजनीतिक लड़ाई से दूर भागने की कोशिश कर रहे हैं.

दस दिन बाद सब म्याऊं

विधानसभा परिसर में बोलते हुए तेजस्वी यादव ने मीडिया को भी ‘जमीन के बदले नौकरी मामले’ पर आड़े-हाथों लिया. तेजस्वी ने कहा, “अभी खबर चलाएंगे, ये मिला. वो मिला. सब शेर जैसा दहाड़ेंगे. दस दिन बाद म्यांऊ. सब शांत हो जाएगा.”