छत्तीसगढ़

सैलरी 15 हजार, घर में 30 करोड़ कैश, कौन हैं झारखंड के मंत्री आलमगीर, जिनके निजी सचिव के नौकर के घर मिला अथाह पैसा

रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार (06 मई) को झारखंड में कई जगहों पर छापेमारी की। ईडी ने कहा है कि झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव (PA) संजीव लाल से कथित तौर पर जुड़े परिसरों की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में बेहिसाब कैश बरामद किए हैं। ईडी ने आलमगीर आलम के पीए संजीव लाल के नौकर के घर से करीब 30 करोड़ रुपये कैश बरामद किए हैं। जिस नौकर के घर से ये कैश मिला है, उसकी मासिक सैलरी महज 15 हजार रुपये है।

तलाशी के वीडियो फुटेज में एक कमरे में नोटों की गड्डियां फैली हुई दिखाई दे रही हैं, जो कथित तौर पर आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल के घरेलू सहायक की बताई जा रही है। ऐसे में सोशल मीडिया पर झारखंड के मंत्री आलमगीर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

ED ने क्यों मारी आलमगीर आलम के सचिव के नौकर के घर पर छापेमारी?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईडी को ये इनपुट मिली थी कि आलमगीर आलम के मंत्रालय में भ्रष्टाचार हो रहा है। ईडी को इनपुट मिला था कि नौकरों के घर काली कमाई रखी जा रही थी। इसी इनपुट के बाद निजी सचिव के नौकर के घर रेड मारी गई थी।

कौन हैं आलमगीर आलम?

आलमगीर आलम झारखंड के चंपाई सोरेन सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री हैं। आलमगीर आलम कांग्रेस के नेता हैं। आलमगीर आलम कांग्रेस के सदस्य के रूप में झारखंड विधानसभा में पकौर निर्वाचन क्षेत्र से चार बार विधायक रहे हैं। आलमगीर आलम 2000, 2004, 2014 और 2019 के चुनावों में पकौर निर्वाचन क्षेत्र से जीत चुके हैं। वहीं 2009 के चुनावों में वह हार गए थे।

आलमगीर आलम 20 अक्टूबर 2006 से 12 दिसंबर 2009 के बीच झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में आलमगीर आलम ने अकील अख्तर को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी थी, जिन्होंने पहले 2009 के चुनावों के बाद इस सीट पर कब्जा किया था।

चुनावों के बाद कांग्रेस झामुमो और राजद के गठबंधन में आलम को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया। 29 दिसंबर 2019 को आलमगीर आलम, हेमंत सोरेन, रामेश्वर ओरांव और सत्यानंद भोक्ता के साथ राज्य मंत्रिमंडल में शपथ लेने वाले शुरुआती चार सदस्यों में से थे।