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ट्रम्प बोले- अमेरिका किसी देश की मदद नहीं करेगा, हमसे तेल खरीदो; दुनिया को संकट में डाल डबल गेम खेलने लगे ट्रंप

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अब अमेरिका किसी देश की मदद नहीं करेगा। देशों को खुद ही अपने हालात संभालने होंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ब्रिटेन जैसे देश जो होर्मुज स्ट्रेट से फ्यूल नहीं ले पा रहे हैं, उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए क्योंकि अमेरिका के पास इसकी कोई कमी नहीं है।

ट्रम्प ने कहा कि अगर देश चाहें, तो हिम्मत दिखाएं और खुद होर्मुज स्ट्रेट जाकर तेल ले लें। अमेरिका उनकी मदद के लिए नहीं आएगा, जैसे वे अमेरिका की मदद के लिए नहीं आए।

अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान काफी हद तक कमजोर हो चुका है और सबसे मुश्किल काम पहले ही पूरा हो गया है। अब बाकी देश खुद जाकर अपना तेल ले सकते हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- ईरान जंग ट्रम्प की शर्तों पर खत्म होगी

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान जंग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की शर्तों पर खत्म होगी। अमेरिका इसी दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जैसे समुद्री रास्ते की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ अमेरिका की नहीं है, बल्कि दूसरे देशों को भी इसमें साथ देना चाहिए।

उन्होंने NATO पर आरोप लगाया कि जब अमेरिका ने मदद मांगी थी, तब कई देशों ने साथ नहीं दिया और उल्टा अमेरिका की आलोचना की। ईरान से जुड़ा मामला सुलझने के बाद NATO से जुड़े बड़े फैसले लिए जाएंगे।

अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- NATO सिस्टम पर दोबारा विचार जरूरी

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कुछ सहयोगी देशों ने अमेरिका को अपने हवाई क्षेत्र और सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है, ऐसे में नाटो की व्यवस्था पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, “हमारे पास स्पेन जैसे देश हैं, जो हमें अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर रहे हैं और इस पर गर्व भी कर रहे हैं। अगर नाटो सिर्फ इस बात के लिए है कि हम यूरोप की रक्षा करें, लेकिन जब हमें जरूरत हो तब वे हमें अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति न दें, तो यह अच्छा नहीं है।”

अंगोला से LPG खरीदने की तैयारी में भारतीय कंपनियां, होर्मुज से नहीं गुजरना होगा

ईरान जंग की वजह से भारत में आई गैस की कमी से निपटने के लिए सरकारी तेल और गैस कंपनियां अब नए देशों से रसोई गैस (LPG) खरीदने का ऑप्शन तलाश रही है।

इसी वजह से इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और गेल जैसी कंपनियां अफ्रीकी देश अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल से LPG खरीदने पर बातचीत कर रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कंपनियां सोनानगोल के साथ लंबे समय का समझौता करने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और सरकार स्तर पर भी चर्चा चल रही है।

दरअसल, भारत की 92% LPG खाड़ी देशों से आती है। भारत सरकार इस निर्भरता घटाना चाहती है। ऐसे में अगर अंगोला से करार हो जाता है तो जहाज अटलांटिक और अरब सागर से होते हुए सीधे भारत पहुंचेंगे। उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजरना होगा।

अमेरिकी रक्षामंत्री बोले- ईरान पर जमीनी हमला कर सकते हैं

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता चाहता है, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो ‘बम के जरिए बातचीत’ भी जारी रखेगा।

उन्होंने कहा कि ईरान को लेकर बातचीत चल रही है और इसमें तेजी आ रही है, लेकिन साथ ही सैन्य ऑप्शन भी खुले हैं।

हेगसेथ ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका जमीनी हमला (ग्राउंड इनवेजन) भी कर सकता है। हालांकि, शायद इसकी जरूरत न पड़े।

उनका कहना था कि अमेरिका की रणनीति थोड़ी ‘अनप्रेडिक्टेबल’ यानी अनिश्चित रहने की है, ताकि दुश्मन को अंदाजा न हो सके कि अगला कदम क्या होगा।

अमेरिकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ की तस्वीर। - Dainik Bhaskar
अमेरिकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ की तस्वीर।
इटली का अमेरिका को सैन्य बेस देने से इनकार

इटली ने अमेरिका को अपने सिगोनेला मिलिट्री बेस का इस्तेमाल करने से रोक दिया। यह बेस सिसिली आइलैंड पर है। अमेरिका यहां विमान उतरना चाहता था, लेकिन इटली ने इजाजत नहीं दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के कुछ बॉम्बर विमान इटली के इस बेस पर उतरकर आगे मिडिल ईस्ट जाना चाहते थे। लेकिन इटली को इस प्लान की पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। अमेरिका ने न तो इटली से इजाजत मांगी और न ही उसके सैन्य अधिकारियों से बात की।

इससे कुछ दिन पहले स्पेन भी ऐसा ही कदम उठा चुका है। स्पेन ने ईरान जंग में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था।

मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से यूरोप के कई देशों में महंगाई बढ़ी

यूरोप के कई देशों में महंगाई बढ़ गई है। मार्च महीने में यह बढ़कर 2.5% हो गई, जबकि फरवरी में 1.9% थी। यह जानकारी यूरोप की संस्था यूरोस्टेट ने दी है।

महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह तेल और गैस की कीमतों का बढ़ना है। मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में तेल-गैस की कीमतें करीब 4.9% बढ़ गईं, जबकि फरवरी में ये कम हुई थीं।

रिपोर्ट-अमेरिका की ईरान में घुसकर यूरेनियम जब्त करने की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के खिलाफ जमीनी कार्रवाई करने का आदेश दे सकते हैं। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ईरान के पास मौजूद यूरेनियम को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं।

ईरान के पास करीब 400 किलो समृद्ध (एनरिच्ड) यूरेनियम है, जिसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में किया जा सकता है। ट्रम्प ने अपने सहयोगियों से कहा है कि ईरान को यह यूरेनियम छोड़ना ही होगा।

अगर बातचीत से बात नहीं बनी, तो इसे जबरदस्ती भी लिया जा सकता है। इस बीच, अमेरिका मिडिल ईस्ट में करीब 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने की योजना बना रहा है। इनमें से 3,500 से ज्यादा सैनिक पहले ही वहां पहुंच चुके हैं।

यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिससे परमाणु ऊर्जा भी बनाई जा सकती है और परमाणु बम भी। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि उसे कितना एनरिच यानि कि शुद्ध किया गया है।

रूस का आरोप- अमेरिका-इजराइल शांति नहीं चाहते

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि अमेरिका और इजराइल, ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच सामान्य रिश्ते (नॉर्मलाइजेशन) नहीं चाहते हैं।

रॉयटर्स के मुताबिक, लावरोव ने कहा कि क्षेत्र में चल रहे “रेजीम चेंज” के पीछे असली मकसद तेल और गैस संसाधनों पर ज्यादा कंट्रोल हासिल करना है।

लावरोव ने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो यह संकट पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है और एक बड़े संघर्ष में बदल सकता है।

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