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शांति समझौते के करीब पहुंचे अमेरिका-ईरान, पाक अधिकारियों के साथ ईरान की बैठक आज

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने को लेकर एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं। अमेरिकी मीडिया एक्सिओस ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि 21 अप्रैल को खत्म हो रहे सीजफायर से पहले समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच गुरुवार को तेहरान में ईरानी अधिकारियों और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच अहम बातचीत होगी। यह जानकारी मीडिया ‘तस्नीम’ ने दी।

आसिम मुनीर बुधवार को ही तेहरान पहुंचे और विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की। पाकिस्तानी सेना ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मुनीर के नेतृत्व वाला यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का संदेश लेकर ईरान गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं। इस प्रक्रिया में पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर, ईरान और मध्यस्थ देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं और ड्राफ्ट प्रस्तावों का आदान-प्रदान जारी है।

अधिकारियों के मुताबिक, सीजफायर खत्म होने से पहले एक बार और आमने-सामने बातचीत हो सकती है। इस दौरान अगर फ्रेमवर्क समझौता होता है, तो डील के लिए सीजफायर को बढ़ाया जा सकता है, हालांकि अमेरिका ने अभी औपचारिक सहमति नहीं दी है।

अमेरिका और ईरान के बीच 11 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से इस्लामाबाद में बैठक हुई थी, जो बेनतीजा रही।
अमेरिका और ईरान के बीच 11 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से इस्लामाबाद में बैठक हुई थी, जो बेनतीजा रही।

दावा- अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान पर दबाव बढ़ा

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में ट्रम्प की नौसैनिक नाकेबंदी और आर्थिक दबाव के कारण ईरान पर समझौते का दबाव बढ़ रहा है।

अमेरिका ने दावा किया है कि नाकेबंदी के बाद पिछले 48 घंटों में कोई भी जहाज ईरानी बंदरगाहों तक नहीं पहुंचा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इस दौरान 9 जहाजों को लौटा दिया गया।

ईरान रोजाना करीब 15 लाख बैरल तेल निर्यात करता है। इससे उसे लगभग 140 मिलियन डॉलर की आय होती है, लेकिन नाकेबंदी से इस कमाई पर असर पड़ सकता है। ईरान के खार्ग द्वीप से लगभग 90% तेल निर्यात होता है, जो नाकेबंदी के चलते प्रभावित हो सकता है।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अगर ईरान तेल निर्यात नहीं कर पाया, तो उसे उत्पादन रोकना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान होगा। युद्ध से पहले भी ईरान की अर्थव्यवस्था प्रतिबंधों के कारण दबाव में थी, लेकिन अब हालात और बिगड़ गए हैं।

रिपोर्ट- ईरान के परमाणु प्रोग्राम पर बातचीत आगे बढ़ी

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में प्रगति हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया कूटनीतिक प्रयासों के बाद दोनों पक्ष एक समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर का तेहरान दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा है, जहां वह अमेरिका का संदेश लेकर पहुंचे हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल संपर्क जारी है और ड्राफ्ट प्रस्तावों पर काम हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की परमाणु क्षमता प्रभावित हुई है, जिससे बातचीत को गति मिली है।

हालांकि, समझौते की दिशा में प्रगति के बावजूद दोनों पक्षों के बीच मतभेद अभी भी बने हुए हैं और कुछ पक्ष इसका विरोध कर रहे हैं।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

  1. अमेरिका ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी के बाद 48 घंटे में कोई जहाज ईरानी पोर्ट नहीं पहुंचा, जबकि 9 जहाज लौटा दिए गए।
  2. ईरान ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही तो वह रेड सी, ओमान सागर और पर्शियन गल्फ में समुद्री व्यापार रोक देगा।
  3. लेबनान में इजराइली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,167 हो गई, जबकि 7,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
  4. अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत में प्रगति के संकेत मिले हैं। 21 अप्रैल से पहले समझौते की कोशिश जारी है और पाकिस्तानी डेलिगेशन तेहरान पहुंचा है।
  5. इजराइल ने दावा किया कि उसने 24 घंटे में दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है।
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