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छत्तीसगढ़: ओवर रेटिंग की शिकायतों के बाद आबकारी विभाग के 30 अधिकारियों का ट्रांसफर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में लगातार सामने आ रही ओवर रेटिंग की शिकायतों के बाद आबकारी विभाग ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। विभाग ने प्रदेश के 30 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए हैं। इसमें कई जिला आबकारी अधिकारियों के प्रभार बदले गए हैं, जबकि कई अधिकारियों को नई जगहों पर स्वतंत्र जिम्मेदारी दी गई है।

पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में शराब की तय कीमत से ज्यादा वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। विभाग की ओर से मैदानी अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए थे। कुछ मामलों में अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया था। इसके बाद अब विभाग ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किया है।

अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी

जारी आदेश के अनुसार, रायपुर जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार शर्मा को अब सहायक आयुक्त आबकारी राजनांदगांव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं प्रवीण वर्मा, सहायक आयुक्त आबकारी को प्रभारी उपायुक्त आबकारी जिला रायपुर बनाया गया है।

इसी तरह रत्नेश मरावी को जिला आबकारी अधिकारी सक्ती (स्वतंत्र प्रभार), नितिन कुमार शुक्ल को जिला आबकारी अधिकारी मनेंद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी, सीआर साहू को जिला आबकारी अधिकारी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई की जिम्मेदारी दी गई है।

कई जिला आबकारी अधिकारियों के बदले जिले

योगेश्वर कुमार द्विवेदी को जिला आबकारी अधिकारी बालोद से प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी जांजगीर चांपा की जिम्मेदारी गई है।

पलक नंद को जिला आबकारी अधिकारी बेमेतरा से ट्रांसफर कर बालोद भेजा गया है।

सत्यनारायण साहू को प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी क़ बलरामपुर रामानुजगंज से बेमेतरा ट्रांसफर किया गया है।

शशांक कुमार को जिला आबकारी अधिकारी बलरामपुर-रामानुजगंज की जिम्मेदारी गई है।

रोहित देवांगन को मानपुर अंबागढ़ चौकी से ट्रांसफर कर जिला आबकारी अधिकारी धमतरी भेजा गया है।

निरुपमा लोहरे को कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी धमतरी से ट्रांसफर कर संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

उड़नदस्तों और फील्ड मॉनिटरिंग पर जोर

आदेश में सिर्फ जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि संभागीय उड़नदस्तों में भी बदलाव किए गए हैं। बस बिलासपुर और दुर्ग संभाग के उड़नदस्तों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार अब शराब दुकानों की निगरानी और कड़ाई से करना चाहती है।

क्यों अहम है यह फेरबदल?

प्रदेश में पिछले कुछ समय से शराब दुकानों में ओवर रेटिंग को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। सोशल मीडिया से लेकर जनप्रतिनिधियों तक यह मुद्दा पहुंचा था। विभागीय समीक्षा बैठकों में भी इस पर नाराजगी जताई गई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि यह तबादला सूची केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मैदानी स्तर पर जवाबदेही तय करने की कवायद भी है।

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