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अंबिकापुर: महामाया पहाड़ में मिला था लापता युवक का शव, पुलिस पर लापरवाही के आरोप; परिजनों ने कहा-‘हत्या हुई’

अंबिकापुर।  महामाया पहाड़ पर शनिवार को मिले अज्ञात शव की पहचान 33 वर्षीय शुभम कश्यप के रूप में परिजनों ने की। युवक के क्षत-विक्षत शव को दफन कर दिया गया था। पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खुदवाकर शव को परिजनों को सौंपा।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि गुमशुदगी की जांच में पुलिस ने लापरवाही की। परिजनों से कोतवाली पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक की हत्या कर उसके शव को फांसी पर लटका दिया गया था। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार को महामाया पहाड़ स्थित सागौन नर्सरी में एक क्षत-विक्षत शव मिला था। मौके पर साड़ी और महिलाओं की चप्पल मिलने के कारण शव को युवती का माना गया। हालांकि, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हुआ कि शव एक युवक का है।

शव के साथ मिले सामान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रविवार शाम शुभम कश्यप के परिजन कोतवाली थाने पहुंचे। वहां उन्होंने चप्पल और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की। शुभम जयस्तंभ चौक के पास मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था।

कब्र खोदकर परिजनों को सौंपा गया शव

युवक के शव के अवशेषों को मौके पर दफना दिया गया था। परिजनों की मांग पर पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खुदवाकर शव के अवशेष परिजनों को सौंप दिया है।

परिजनों का आरोप है कि, शुभम की गुमशुदगी की रिपोर्ट 11 जुलाई को ही कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने न तो खोजबीन में गंभीरता दिखाई और न ही शव मिलने की जानकारी परिवार को दी।

परिजनों ने कहा-हत्या हुई, पुलिस ने की लापरवाही

परिजनों के मुताबिक, शुभम नशे का आदी था। 10 जुलाई को नशे की हालत में घर पहुंचने पर विवाद हुआ था। परिवार उसे कोतवाली थाने लेकर गए थे। वहां से वह मामा के घर चला गया था। 11 जुलाई की सुबह वह वापस लौटा और झोले में जरूरी सामान लेकर निकल गया था।

गुमशुदगी दर्ज किए जाने के बाद भी पुलिस ने जांच में गंभीरता नहीं दिखाई। परिजनों ने कहा कि युवक की हत्या की गई है। जहां शव मिला है, वह सूनसान इलाका है।

युवक का मोबाइल, पर्स नहीं मिला है। परिजनों ने बताया कि, तीन दिन पहले शुभम की मां के मोबाइल पर एक मैसेज आया था, जिसमें लिखा था कि शुभम एक युवती के पास है और उसे वापस लाना है तो एक लाख रुपए की व्यवस्था करनी होगी।

परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने इसपर गंभीरता नहीं दिखाई और फर्जी बताते हुए कोई जांच नहीं की। परिजनों ने कहा कि शुभम की हत्या कर शव को पतले पेड़ से टांगा गया है। जिस पेड़ में शव मिलना बताया जा रहा है, वह इतना मजबूत नहीं है कि वह शव को संभाल सके।

पुलिस पर अभद्रता करने का भी आरोप

रविवार को पहचान के लिए थाने पहुंचे परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। युवक की पहचान होने पर पत्नी और परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भी थाने पहुंचकर नाराजगी जताई थी।

डीएनए जांच के लिए लिया सैंपल, जांच जारी

सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह ने कहा कि मृतक की पहचान के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने बताया कि, शव की पुष्टि के लिए डीएनए सैंपल लिया गया है। युवक की मौत कैसे हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद चल सकेगा। मामले की जांच की जा रही है।

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