Home » ईरान युद्ध » ‘अपने घर वापस नहीं जा पाओगे’, ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बीच में ही छोड़ दी वार्ता; US अधिकारी बोले- ‘दावा गलत’

‘अपने घर वापस नहीं जा पाओगे’, ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बीच में ही छोड़ दी वार्ता; US अधिकारी बोले- ‘दावा गलत’

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। स्विट्जरलैंड में रविवार को अमेरिका-ईरान वार्ता के दौरान तनाव बढ़ गया। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की धमकियों से नाराज होकर ईरानी टीम ने बातचीत बंद कर दी।

एजेंसी ने कहा कि कतर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद ईरानी टीम उस इमारत से निकल गई, जहां अमेरिका के साथ बातचीत हो रही थी। पहले दोनों पक्षों के बीच हाथ मिलाने और जॉइंट फोटो सेशन की योजना बनी थी। लेकिन ईरानी टीम ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया।

जब अमेरिका और ईरान ने अपनी लड़ाई खत्म करने के मकसद से स्विट्जरलैंड में बातचीत शुरू की, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि उन्होंने रात में ईरानी अधिकारियों से बात की थी और उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद किया गया, तो वे “अपने देश वापस नहीं लौट पाएंगे।“

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, “अगर आप (ईरान) इसे बंद करते हैं, तो आपका देश नहीं बचेगा। आप अपने देश वापस भी नहीं लौट पाएंगे।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस संभावना पर भी बात की कि समुद्री ट्रैफिक को सुरक्षित रखने और इस अहम रास्ते से गुजरने वाले तेल शिपमेंट पर ट्रांजिट शुल्क लगाने के लिए वॉशिंगटन, होर्मुज जलडमरूमध्य का सीधा ऑपरेशनल कंट्रोल अपने हाथ में ले सकता है।

उन्होंने आगे कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो हम जलडमरूमध्य पर कब्जा कर सकते हैं। मैं उन्हें बुरी तरह तबाह कर दूंगा।” बातचीत नाकाम होने पर संभावित आर्थिक उपायों का संकेत देते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर वे कोई समझौता नहीं करते हैं, तो हम टोल वसूलेंगे।

न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि बातचीत शुरू होने से तुरंत पहले ट्रम्प ने ईरान को धमकी दी थी। इसमें उन्होंने ईरान से लेबनान में हिजबुल्लाह को रोकने को कहा था। ऐसा न करने पर उन्होंने फिर से ईरान पर हमला करने की धमकी दी थी।

ट्रम्प की इस टिप्पणी के बाद ईरानी टीम का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा था कि ईरान अमेरिकी धमकियों से डरने वाला नहीं है।

इस बीच स्विट्जरलैंड में मौजूद एक अमेरिकी अधिकारी ने ईरानी न्यूज एजेंसी के दावे को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि ईरानी डेलिगेशन अब भी बातचीत के लिए मौजूद है और उन्होंने मध्यस्थ देशों को बातचीत छोड़ने की बात नहीं कही है।

ईरान बोला- अमेरिका की धमकियां असरदार नहीं

ईरान ने कहा है कि अमेरिकी धमकियों का उस पर कोई असर नहीं पड़ता। ईरानी संसद स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिकी नेताओं को अपने बयानों में सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि ईरानी सेनाएं जवाब देने के लिए तैयार हैं।

गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अगर धमकियां असरदार होतीं, तो अमेरिका आज जिस स्थिति में है, वहां नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि ईरान इन चेतावनियों पर भरोसा नहीं करता।

ईरानी स्पीकर ने कहा कि उनकी सेनाएं जरूरत पड़ने पर अलग तरीके से जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “वे जो चाहें कहें, लेकिन कार्रवाई हम करेंगे।”

 

Facebook
X
WhatsApp
Telegram