इस्लामाबाद/ तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी । ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। यह उनका दो दिन में दूसरा दौरा है। इस दौरान वे पाकिस्तानी नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। इस्लामाबाद में थोड़ी देर रुकने के बाद अराघची रूस के लिए रवाना हो जाएंगे।
इससे पहले उन्होंने शनिवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने ईरान की शर्तें और अमेरिका की मांगों पर अपनी आपत्तियां पाकिस्तान को सौंपी थीं।
ईरान ने साफ किया है कि वह अमेरिका से सीधे बातचीत नहीं करेगा और अपनी बात पाकिस्तान के जरिए ही पहुंचाएगा। अराघची शनिवार शाम ओमान के लिए रवाना हो गए थे। उन्होंने आज ओमान सुल्तान तारिक बिन हैथम से मुलाकात की। इस दौरान जंग और शांति बहाली की कोशिशों पर चर्चा हुई।
होर्मुज में शिपिंग बहाल करने पर ट्रम्प और ब्रिटिश पीएम ने बात की
डोनाल्ड ट्रम्प और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने फोन पर बातचीत की है। इस दौरान दोनों नेताओं ने जहाजों की आवाजाही जल्द बहाल करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने माना कि अगर होर्मुज में शिपिंग प्रभावित रहती है तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल सप्लाई पर गंभीर असर पड़ेगा।
ब्रिटेन ने खास तौर पर कहा कि इसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है। स्टार्मर ने ट्रम्प को बताया कि वह फ्रांस के साथ मिलकर समुद्री रास्तों को फिर से सुरक्षित और चालू करने के प्रयास कर रहे हैं।
ब्रिटेन में ईरान युद्ध के असर से निपटने की तैयारी शुरू
ईरान में युद्ध के असर को देखते हुए ब्रिटेन ने इससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि वह अर्थव्यवस्था और देश की सुरक्षा पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए पहले से कदम उठा रही है। ब्रिटिश सरकार के मुताबिक, आने वाले समय में महंगाई बढ़ सकती है। लोगों को बिजली, खाने-पीने की चीजों और हवाई टिकट के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि युद्ध खत्म होने के बाद भी करीब 8 महीने तक इसका असर बना रह सकता है। सरकार ने खराब स्थिति के लिए भी प्लान तैयार किए हैं। अगर हालात और बिगड़ते हैं तो खाने-पीने की चीजों की कमी जैसी स्थिति भी बन सकती है।
ईरानी विदेश मंत्री और ओमान सुल्तान के बीच युद्ध और शांति बहाली पर चर्चा
अब्बास अराघची ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से मस्कट में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में जारी युद्ध और शांति बहाली के प्रयासों पर चर्चा की।
अराघची ने ओमान की कूटनीतिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बातचीत के जरिए ही समाधान संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सैन्य मौजूदगी से क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ती है।
वहीं, ओमान के सुल्तान ने उम्मीद जताई कि युद्ध जल्द खत्म होगा और क्षेत्र में शांति लौटेगी। उन्होंने इस दिशा में हर संभव मदद देने की बात कही। बैठक में ओमान के विदेश मंत्री भी मौजूद रहे।
ईरान के राष्ट्रपति बोले- जबरन बातचीत नहीं करेंगे
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि तेहरान दबाव और धमकियों के बीच अमेरिका के साथ जबरन बातचीत नहीं करेगा।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बातचीत में पजशकियान ने कहा कि अमेरिकी कदम भरोसे को कमजोर कर रहे हैं और बातचीत की राह को मुश्किल बना रहे हैं। साथ ही उन्होंने जहाजों पर लगी नाकेबंदी हटाने को भी जरूरी शर्त बताया।
शरीफ ने भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए अपनी कोशिशें जारी रखेगा।
ट्रम्प बोले- डिनर में फायरिंग का ईरान से कोई लिंक नहीं
व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में हुई फायरिंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि हमलावर का ईरान से कोई सीधा संबंध नहीं लगता।
उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता, लेकिन आप कभी नहीं जानते। हमारी टीमें जांच कर रही हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।” अब तक की शुरुआती जांच में हमलावर की किसी विदेशी कनेक्शन की पुष्टि नहीं हुई है।



