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छत्तीसगढ़: प्रदेश में पिछले 36 घंटे से बारिश का दौर जारी, नदी-नाले उफान पर; स्कूलों में आज छुट्टी

रायपुर। प्रदेश में पिछले करीब 36 घंटे से बारिश का दौर जारी है। रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। महादेवघाट पुल से 2 फीट ऊपर पानी बह रहा है। कई नदी-नाले उफान पर हैं।

लगातार बारिश के चलते प्रदेश के सभी स्कूलों में आज छुट्टी कर दी गई है। गंगरेल डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद 10 गेट से पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार बारिश से जगदलपुर, गरियाबंद, कांकेर, बालोद और बिलासपुर के निचले इलाकों के घरों में पानी भर गया है।

बस्तर में सड़कें डूब गई हैं और कई निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया है। बारिश और जलभराव के चलते 6 ट्रेनें और एक फ्लाइट कैंसिल कर दी गई हैं। कई जगह सड़कें बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे भी कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन दक्षिण ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुंचा है। इसके असर से नमी बढ़ी और बारिश तेज हो गई।

कल गरियाबंद में रायपुर से देवभोग जा रही यात्री बस सराई भदर के पास बाढ़ के पानी में फंस गई थी।नाले में करीब 4 फीट पानी था और दोनों ओर पानी का तेज बहाव था। बस में सवार करीब 50 यात्रियों को पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने रस्सी बांधकर सुरक्षित बाहर निकाला।

पहले ये तस्वीरें देखिए…

गरियाबंद में बस सवार करीब 50 यात्रियों को पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने रस्सी बांधकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। - Dainik Bhaskar
गरियाबंद में बस सवार करीब 50 यात्रियों को पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने रस्सी बांधकर सुरक्षित बाहर निकाला।
गंगरेल के 10 गेट खोलकर 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। - Dainik Bhaskar
गंगरेल के 10 गेट खोलकर 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
रायपुर के भाठागांव इलाके में जलभराव। - Dainik Bhaskar

रायपुर के भाठागांव इलाके में जलभराव।

केशकाल में गर्भवती महिला को गोद में उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। - Dainik Bhaskar
केशकाल में गर्भवती महिला को गोद में उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया।

गर्भवती को गोद में उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया

केशकाल में 3 दिन की बारिश के बाद जलभराव की स्थिति है। एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में काफी मशक्कत हुई। ऊपर बेडमापारा गांव की खराब सड़क से एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। परिजनों ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को गोद में उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने के 10 मिनट बाद ही महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

गरियाबंद के बेलाट नाला में बढ़ते जलस्तर के बीच बच्चे जान जोखिम में डालकर नहाते नजर आए। - Dainik Bhaskar
गरियाबंद के बेलाट नाला में बढ़ते जलस्तर के बीच बच्चे जान जोखिम में डालकर नहाते नजर आए।
जगदलपुर के धरमपुरा इलाके में भरा पानी। - Dainik Bhaskar
जगदलपुर के धरमपुरा इलाके में भरा पानी।
रायपुर विधानसभा के पास गैलेक्सी ग्रीन सोसायटी में भरा पानी। - Dainik Bhaskar
रायपुर विधानसभा के पास गैलेक्सी ग्रीन सोसायटी में भरा पानी।
गरियाबंद में कई बरसाती नाले उफान पर हैं। कई घरों में पानी घुस गया है। - Dainik Bhaskar
गरियाबंद में कई बरसाती नाले उफान पर हैं। कई घरों में पानी घुस गया है।

पुल के ऊपर बह रहा पानी

सुकमा जिले की शबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से झापरा पुल के ऊपर पानी बह रहा है। पुल पर आवागमन बंद होने से एक दर्जन से ज्यादा पंचायतों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं, एर्राबोर में NH-30 और सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर भी पानी आने से यातायात प्रभावित हुआ है।

सुकमा जिले की शबरी नदी का जलस्तर बढ़ा। - Dainik Bhaskar
सुकमा जिले की शबरी नदी का जलस्तर बढ़ा।

मध्य-दक्षिण छतीसगढ़ में भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे लगे दक्षिणी ओडिशा के ऊपर बना गहरा लो प्रेशर एरिया उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके असर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

अगले 24 घंटे कैसा रहेगा मौसम

प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

मौसम विभाग ने क्यों जारी किया अलर्ट?

उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे लगे दक्षिणी ओडिशा के ऊपर बना डीप डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसके धीरे-धीरे कमजोर होने के बावजूद इसका असर छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बारिश के रूप में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिए आवश्यक निर्देश

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश से उत्पन्न बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को पूरी सतर्कता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हुए प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की सतत निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि निचले इलाकों तथा नदी-नालों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों पर विशेष नजर रखी जाए। जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ की आशंका की स्थिति में लोगों को समय रहते सचेत किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने आगामी दिनों में लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव दल आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहें। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय, पंचायत एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों के लिए आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षित आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जलभराव वाले मार्गों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में आवागमन को लेकर विशेष सावधानी बरती जाए तथा जोखिम वाले स्थानों पर लोगों को जाने से रोका जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने जिला कलेक्टरों से मैदानी अमले को सक्रिय रखने तथा स्थानीय स्तर पर मिलने वाली प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नदी-नालों और तेज बहाव वाले स्थानों पर न जाएं तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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