वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ दोस्ताना माहौल में बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बार कोई रास्ता निकल आएगा। लेकिन अगर बातचीत बेनतीजा रही तो अमेरिका फिर से ईरान पर हवाई हमले शुरू करेगा।
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा, “अभी बातचीत चल रही है। मुझे लगता है कि अच्छे नतीजे की संभावना है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर बातचीत सफल नहीं हुई तो अमेरिका “फिर वही करेगा, जो पहले कर रहा था।”
करीब दो हफ्ते तक लगातार हमले होने के बाद पिछले तीन दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच कोई नया हमला नहीं हुआ है। ट्रम्प के मुताबिक, मध्यस्थ देशों के कहने पर अमेरिका ने हमले रोके, ताकि बातचीत को एक और मौका दिया जा सके। ईरान ने भी फिलहाल जवाबी हमले नहीं किए हैं।
ईरान ने उत्तरी इराक में ड्रोन हमले किए
ईरान ने मंगलवार को उत्तरी इराक के एरबिल, सोरान और खालिफान इलाकों में ड्रोन हमले किए। पुलिस के मुताबिक, कम से कम 4 ड्रोन दागे गए। हमलों के बाद कई जगह आग लग गई।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, एरबिल में 7 धमाके सुनाई दिए। इनमें कुछ धमाके अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास भी हुए। हमले के बाद शहर के ऊपर 10 से ज्यादा अमेरिकी लड़ाकू विमान और ड्रोन उड़ान भरते दिखे।
ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि अल-अनबर प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराया गया। वहीं, सुलेमानिया के खोर मोर गैस फील्ड पर भी हमला हुआ है।
ईरान में दो और प्रदर्शनकारियों को फांसी
ईरान ने मंगलवार तड़के अमीरहुसैन सफारी और अबोलफजल सेपाही को फांसी दे दी। दोनों जनवरी में हुए प्रदर्शनों से जुड़े अलीखानी स्क्वायर केस के आरोपी थे।
फांसी से पहले इलाके में भारी सुरक्षा तैनात रही। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि रातभर लोग वहां जुटे और कुछ जगह सुरक्षाबलों से झड़प भी हुई। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस केस में 12 युवकों को मौत की सजा सुनाई गई थी। 19 जुलाई को दो लोगों को फांसी दी गई थी। अब दो और को फांसी के बाद 4 लोगों की सजा पूरी हो चुकी है, जबकि 8 आरोपी अब भी डेथ रो पर हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने एक दिन पहले ही बाकी आरोपियों की फांसी रोकने की अपील की थी। UN का कहना है कि बंद कमरे में सुनवाई हुई, जबरन कबूलनामे लिए गए और आरोपियों को निष्पक्ष कानूनी मदद नहीं मिली।
ट्रम्प-नेतन्याहू की मुलाकात आज
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच सबसे ज्यादा चर्चा ईरान युद्ध और अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातचीत पर होगी।
नेतन्याहू सोमवार रात वॉशिंगटन के ब्लेयर हाउस में ठहरे। इसी दौरान व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन भी शुरू हो गए। लोग गाजा में जारी युद्ध और ईरान पर हमलों के खिलाफ विरोध जता रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल मध्यस्थ देशों के जरिए बातचीत की कोशिश हो रही है। दिलचस्प बात यह है कि इन वार्ताओं में इजराइल शामिल नहीं है, जबकि ईरान पर हमले में अमेरिका का साथ देने वाला वही सबसे बड़ा सहयोगी रहा है।
इजराइल के कई नेता चाहते हैं कि अमेरिका इस समय ईरान से कोई समझौता न करे, बल्कि सैन्य दबाव बनाए रखे। वॉशिंगटन में भी कुछ नेता इसी राय के हैं।
ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत के लिए हमारे पास पूरा वक्त
ट्रम्प ने एक बार फिर कहा है कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और उन्हें इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं है। पत्रकारों के सवाल पर ट्रम्प ने कहा, “मेरे पास पूरा वक्त है।”
जब उनसे पूछा गया कि ईरान को लेकर उनका धैर्य कितना बचा है, तो ट्रम्प ने कहा कि ईरान के समुद्री तट का बड़ा हिस्सा तबाह हो चुका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब पूरी तरह सुरक्षित है और दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।ट्रम्प ने कहा, “वे खुद बातचीत करना चाहते थे। उनके लोगों ने कहा था- कृपया बम मत गिराइए, गोली मत चलाइए।”
इससे पहले भी ट्रम्प कह चुके हैं कि अगर बातचीत सफल रही तो अच्छा है, लेकिन अगर कोई नतीजा नहीं निकला तो अमेरिका फिर से ईरान पर हवाई हमले शुरू करने से पीछे नहीं हटेगा।




