Home » छत्तीसगढ़ » बिलासपुर में काली घटाओं से छाया अंधेरा, कोरबा में हसदेव उफान पर, बाढ़ का खतरा; अगले 24 घंटों तक बारिश से राहत नहीं

बिलासपुर में काली घटाओं से छाया अंधेरा, कोरबा में हसदेव उफान पर, बाढ़ का खतरा; अगले 24 घंटों तक बारिश से राहत नहीं

बिलासपुर/ कोरबा।   न्यायधानी बिलासपुर और ऊर्जाधानी कोरबा समेत पूरे क्षेत्र में मानसूनी बादलों की भारी घेराबंदी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिलासपुर में बीते दो दिनों से सूरज के दर्शन नहीं हुए हैं और लगातार हो रही रिमझिम बारिश के चलते दिन में ही काली घटाओं के कारण अंधेरा छा गया है।।

इधर , कोरबा जिले में लगातार बारिश और हसदेव नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी आवक से बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है, जिससे जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

मंगलवार को सुबह से शुरू हुई हल्की फुहारें दिनभर रुक-रुककर पड़ती रहीं। यही हाल आज भी रहने वाला है। सीजन में पहली बार लगातार दूसरे दिन सावन जैसा अहसास होने से मौसम खुशनुमा बना रहा और दिन का तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया। हालांकि प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में ही दर्ज किया गया। छाता और रेनकोट के साथ लोग सड़कों पर निकले, वहीं सुहावने मौसम का आनंद लेने बड़ी संख्या में लोग पर्यटन क्षेत्रों और बांधों की ओर भी पहुंचे।

मौसम विभाग के अनुसार एक अवदाब झारखंड और उससे लगे गंगेटिक पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग में स्थित है। इसके लगातार पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए झारखंड और बिहार की ओर जाने की संभावना है।

इस दौरान इसके अगले 24 घंटे में चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इधर, एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। वहीं मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर फिरोजपुर, देहरादून, शाहजहांपुर, वाराणसी, डेहरी, अवदाब के केंद्र, दीघा और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है तथा यह 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। मौसम विभाग ने 19 अगस्त को हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई है।

वज्रपात के साथ भारी वर्षा का अलर्ट

मौसम विभाग ने 19 अगस्त को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई है। भारी वर्षा का संभावित क्षेत्र मुख्यतः सरगुजा संभाग और उससे लगे बिलासपुर संभाग के जिले रहेंगे। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की जरूरत है।

अवदाब की चाल पर टिकी मौसम की नजर

झारखंड और उससे लगे गंगेटिक पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग में स्थित अवदाब लगातार पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके झारखंड और बिहार की ओर जाने की संभावना जताई गई है। अगले 24 घंटे में इसके चिन्हित निम्न दाब के रूप में परिवर्तित होने की संभावना है। इस मौसमी प्रणाली की गति का असर प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों पर पड़ सकता है।

Facebook
X
WhatsApp
Telegram