छत्तीसगढ़

4 बजकर 44 मिनट 19 सेकेंड पर सचिन ने ऐसा क्या किया कि दुनिया करने लगी सलाम

नईदिल्ली I 4 बजकर 44 मिनट 19 सेकेंड…फिरोज शाह कोटला स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों की घड़ी यही समय बता रही थी, जब पूरा देश सचिन तेंदुलकर के लिए खड़ा हो गया. स्टेडियम तो स्टेडियम…सड़क और गलियों तक में सचिन सचिन का नाम गूंजने लगा. लोग रुक गए. दुकानों में बाहर भीड़ जमा हो गई . हर किसी की नजर टीवी पर अटक गई. बात भले ही 17 साल पुरानी है, मगर हर साल 10 दिसंबर की तारीख उस लम्हें की खूबसूरत यादों को नया कर देती है.

दरअसल 10 दिसंबर 2005 को सचिन तेंदुलकर ने फिरोज शाह कोटला स्टेडियम में बल्ले से कोहराम मचाते हुए शतक जड़ दिया था और उनके बल्ले से निकला ये शतक पूरे देश के लिए इसलिए भी खास था, क्योंकि वो क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा टेस्ट शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए थे. उन्होंने ये उपलब्धि श्रीलंका के खिलाफ हासिल की थी.

गावस्कर को छोड़ा था पीछे

10 दिसंबर 2005 को शाम 4 बजकर 44 मिनट 19 सेकेंड पर सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर का 35वां शतक जड़कर इतिहास रच दिया. इसी के साथ उन्होंने सुनील गावस्कर के 34 टेस्ट शतक के 22 साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. गास्वकर 1983 में सबसे ज्यादा टेस्ट शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बने थे और उन्होंने 1986 में श्रीलंका के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट शतक जड़ा था.

शतक पूरा होते ही खेल रुका

तेंदुलकर ने उस टेस्ट की पहली पारी में 109 रन बनाए थे, जिसमें 14 चौके और एक छक्का शामिल था. उन्होंने 177 गेंदों में अपना शतक पूरा किया था और जैसे ही उन्होंने अपना शतक पूरा किया, खेल को खराब रोशनी के चलते रोक दिया गया था. उस समय दूसरे छोर पर सौरव गांगुली खड़े थे.

आज भी है सचिन के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड

सचिन ने जैसे ही अपना 35वां टेस्ट शतक पूरा किया, भारतीय टीम बालकनी में आ गई थी. अनिल कुंबले ने तो इस पल को कैद करने के लिए अपना कैमरा तक तैयार कर रखा था. भारत के महान बल्लेबाज सचिन के नाम आज 51 टेस्ट शतक और 49 वनडे शतक है, जो वर्ल्ड रिकॉर्ड है. 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सचिन ने अपने 24 साल के लंबे करियर में 200 टेस्ट मैचों में 15 हजार 921 रन रन बनाए, जिसमें 51 शतक और 68 अर्धशतक शामिल है. वहीं 463 वनडे मैच में 18 हजार 426 रन बनाए, जिसमें 49 शतक और 96 अर्धशतक शामिल है.