छत्तीसगढ़

सीएम केजरीवाल को हाईकोर्ट से झटका, रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पर टली सुनवाई

नईदिल्ली : उच्च न्यायालय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनकी गिरफ्तारी और दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में उन्हें ईडी की हिरासत में भेजने के ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई टल गई है।

गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री केजरीवाल की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने हाईकोर्ट से और समय का मांगा है। वरिष्ठ वकील सिंघवी ने दिल्ली हाईकोर्ट में इसकी जानकारी दी।

ईडी ने दावा किया था कि केजरीवाल दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति घोटाला मामले में मुख्य साजिशकर्ता थे। मामले में ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 17 अगस्त, 2022 को 2021-22 के लिए दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति में कथित अनियमितताओं के संबंध में दर्ज एक मामले से शुरू हुई है।

सीबीआई मामला 20 जुलाई, 2022 को उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा की गई शिकायत पर दर्ज किया गया था। यह आरोप लगाया गया है कि नीति के निर्माण के चरण में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य अज्ञात और अनाम निजी व्यक्तियों/संस्थाओं सहित आप नेताओं द्वारा एक आपराधिक साजिश रची गई थी।

यह आरोप लगाया गया है कि साजिश के तहत नीति में जानबूझकर छोड़ी गई या बनाई गई खामियां शामिल थीं। ये खामियां कथित तौर पर निविदा प्रक्रिया के बाद कुछ शराब लाइसेंसधारियों और साजिशकर्ताओं को फायदा पहुंचाने के लिए थीं। इस मामले में सिसौदिया और आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहले से ही जेल में हैं। 15 मार्च 2024 को ईडी ने मामले में भारत राष्ट्र समिति के विधायक और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी के.कविता को भी गिरफ्तार किया था।