छत्तीसगढ़

गोरे लोगों के दम पर विदेश में रह रहे इंडियंस, अमेरिकी ने भारतीय संग किया भेदभाव

नईदिल्ली I पोलैंड में एक भारतीय नागरिक के साथ नस्लीय भेदभाव किया गया है. दुर्व्यवहार का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है. पिछले 10 दिनों में यह तीसरा मामला है, जब किसी भारतीय के साथ विदेश में दुर्व्यवहार किया गया है. इस वायरल हो रहे वीडियो में एक अमेरिकी शख्स भारतीय को ‘परजीवी’, नरसंहारी और आक्रमणकारी कहता हुआ नजर आ रहा है. इस वीडियो को पोलैंड की राजधानी वारसा में स्थित एट्रियम रेडुटा शॉपिंग सेंटर के बाहर शूट किया गया है. भारतीय के साथ भेदभाव का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. अमेरिकी शख्स द्वारा भारतीय के साथ किए गए इस दुर्व्यवहार की तमाम यूजर्स ने निंदा की है.

वीडियो में अमेरिकी शख्स भारतीय को यह कहता है कि “आप पोलैंड में क्यों हैं. अपने देश वापस जाओ”. वीडियो में अमेरिकी को भारतीय के पीछे जाते हुए और लगातार आपत्तिजनक सवाल करते हुए भी देखा जा सकता है. इस क्लिप को अमेरिकी शख्स ने ही शूट किया है. वीडियो में उसने कहा, ‘आप पोलैंड में क्यों हैं? अपने देश में क्यों नहीं लौट जाते? अमेरिका मैं आप जैसे बहुत लोग हैं. मैं एक यूरोपियन हूं, लेकिन आप तो नहीं है. फिर आप पोलैंड को क्यों बर्बाद कर रहे हैं? आपको क्या लगता है कि आप पोलैंड में घुसपैठ कर सकते हैं? आप आक्रमणकारी हैं. आक्रमणकारी अपने देश वापस जाओ. पोलैंड पोलिश नागरिकों के लिए है. आप पोलैंड के नागरिक नहीं है. हमारे देश में घुसपैठ करना बंद करो.’

गोरे लोगों के दम पर विदेशों में रह रहे भारतीय

अमेरिकी शख्स की इन बातों पर भारतीय शख्स ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा, ‘तुम मेरी वीडियो क्यों बना रहे हो.’ इसके जवाब में अमेरिकन ने कहा, ‘क्योंकि मैं अमेरिका से हूं. और अमेरिका में तुम जैसे बहुत लोग हैं.’ यह पूरा वीडियो 4 मिनट का है. अमेरिकी शख्स लगातार भारतीय से नस्लीय भेदभाव करता और आपत्तिजनक सवाल पूछता हुआ नजर आ रहा है. अमेरिकी ने यह भी आरोप लगाया कि विदेशों में रह रहे भारतीय वाइटमैन (गोरे लोगों) द्वारा की गई कड़ी मेहनत के दम पर जी रहे हैं. भारतीयों को अपने देश को खुद अच्छा बनाना चाहिए. उसने यह भी कहा कि “आप (भारतीय) परजीवी (दूसरों पर निर्भर) क्यों होते हैं?”

‘आक्रमणकारी अपने देश वापस जाओ’

उसने आगे कहा, ‘आप हमारी जाति (श्वेत जाति) का नरसंहार कर रहे हैं. आप एक आक्रमणकारी हैं. आक्रमणकारी अपने देश वापस जाओ. हम आपको यूरोप में नहीं देखना चाहते हैं. पोलैंड सिर्फ पोलिश नागरिकों के लिए हैं. तुम पोलिश नहीं हो, तुम यहां क्यों हो?’ बता दें कि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि ये मामला कब का है और दोनों के बीच किस बात को लेकर बहस छिड़ी. इस मामले में अभी तक किसी तरह की कोई शिकायत भी दर्ज नहीं हुई है.