छत्तीसगढ़

PM मोदी पर सवाल पूछने वाले रिपोर्टर को स्वामी स्वरूपानंद ने जड़ा था थप्पड़, यह हैं उनसे जुड़े विवाद

नई दिल्ली I ज्योतिर्मठ बद्रीनाथ और शारदा पीठ द्वारका के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ब्रह्मलीन हो गए। 99 साल की उम्र में उन्होंने मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थित झोतेश्वर धाम में अंतिम सांस ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी उनके निधन पर दुख जताया है। राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी लड़ाई लड़ने वाले स्वामी स्वरूपानंद अपने जीवन में कई विवादों से भी जुड़े रहे। हम आपको उनके जीवन से जुड़े ऐसे ही कुछ विवादों के बारे में बताते हैं।

शनि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से थे नाराज

स्वामी स्वरूपानंद अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते थे। इसका मतलब है कि उन्हें जो चीज पसंद नहीं थी तो वो उसका खुलकर विरोध करते थे। अप्रैल 2016 में जब बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी गई थी तो उस वक्त शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने इसका विरोध किया था और कहा था कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा था कि मंदिर में महिलाओं को प्रवेश दिए जाने से महिलाओं का अनिष्ट होना शुरू हो जाएगा और भविष्य में उनके साथ रेप जैसी घटनाएं बहुत अधिक बढ़ेंगी।

साईं की पूजा करने के खिलाफ थे स्वरूपानंद

इसके अलावा स्वामी स्वरूपानंद साईं बाबा को भगवान का दर्जा देने वाले लोगों पर भी खासे नाराज रहते थे। उन्होंने एकबार साईं बाबा को लेकर भी विवादित बयान दिया था। उनका मानना था कि साईं बाबा की पूजा हिंदू विरोधी है। जून 2014 में आयोजित धर्म संसद में उन्होंने कहा था कि साईं के भक्तों को भगवान राम की पूजा, गंगा में स्नान और हर-हर महादेव का जाप करने का अधिकार नहीं है। इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र में आए सूखे की स्थिति के लिए भी साईं बाबा की पूजा को जिम्मेदार ठहराया था।

रिपोर्टर को ऑन कैमरा जड़ दिया था थप्पड़

जनवरी 2014 में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती उस वक्त बड़े विवाद में घिर गए थे, जब उन्होंने ऑन कैमरा एक पत्रकार को थप्पड़ जड़ दिया था। जबलपुर के सिविक सेंटर स्थित बगलामुखी देवी मंदिर में एक टीवी जर्नलिस्ट ने स्वामी स्वरूपानंद से पीएम मोदी को लेकर सवाल किया था और वो उस सवाल पर इतना भड़क गए थे कि उन्होंने पत्रकार को चांटा मार दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने थप्पड़ मारने की बात को खारिज किया था।

मोदी सरकार के विरोधी थे स्वामी स्वरूपानंद!

आपको बता दें कि स्वामी स्वरूपानंद ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कड़ा संघर्ष भी किया था और उन्होंने इसके लिए लंबी लड़ाई भी लड़ी थी। वो कई मौकों पर भाजपा का और खासकर पीएम मोदी का कड़ा विरोध भी करते थे। उनका कहना था कि भाजपा राम मंदिर के मुद्दे पर सिर्फ जनता को मूर्ख बनाती है। उन्होंने कहा था- अब हमने किसी और स्थान पर मंदिर बनाने का फैसला कर लिया है।