वॉशिंगटन। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को कहा कि ईरान के अब तक 7,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया गया है। यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर नहीं दिखाया गया है, बल्कि सटीकता के साथ अत्यधिक ताकत का प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि आज का हमला भी सबसे बड़ा होगा, बिल्कुल वैसे ही जैसे कल हुआ था। हमारी क्षमताएं लगातार बढ़ रही हैं और ईरान लगातार कमजोर हो रहा है।
हेगसेथ ने कहा, ईरान की वायु रक्षा कमजोर हो चुकी है। उनके रक्षा उद्योग, फैक्टरियां और उत्पादन इकाइयां जो उनके मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों का समर्थन करती हैं, भारी नुकसान झेल रही हैं। हमने सीधे तौर पर उनके सैकड़ों रक्षा उद्योगों को निशाना बनाया है। नए बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की उनकी क्षमता सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। हमारे बलों के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइल हमले 90 फीसदी तक घट गए हैं।
उन्होंने कहा, ड्रोन हमलों में भी एकतरफा यही स्थिति है। ईरानी अब भी गोली चलाएंगे, हमें पता है, लेकिन अगर वे सक्षम होते तो और ज्यादा हमला करते। हमने उनके 120 से अधिक नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है या डुबो दिया है और कई अन्य जहाजों की लड़ाई के नुकसान का मूल्यांकन किया जा रहा है। उनके पनडुब्बी जहाज अब नहीं बचे, जो कभी 11 थे। उनके सैन्य बंदरगाह भी नष्ट हो चुके हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि ‘युद्ध’ कब खत्म होगा, इसका फैसला केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही करेंगे। हम कोई पक्की समयसीमा तय नहीं करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, हम काफी हद तक सही रास्ते पर हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही तय करेंगे कि कब रुकना है। जब हम कह देंगे कि हमने जो टास्क लिया था, उसे पूरा कर लिया है तो वह (ट्रंप) अपनी मर्जी के मुताबिक फैसला सुना देंगे।
हेगसेथ ने कहा, युद्ध में शहीद हुए अमेरिकी सैनिकों के परिवारों ने सरकार से अपील की है कि इस लड़ाई को अधूरा न छोड़ा जाए और मिशन पूरा किया जाए। जब शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर डोवर एयर फोर्स बेस पर पहुंचे, तो वहां मौजूद पीड़ित परिवारों ने कहा कि इसे खत्म करो। उनकी कुर्बानी का सम्मान करें। डगमगाएं नहीं। जब तक काम पूरा न हो जाए, रुकिए मत। मेरा और राष्ट्रपति का जवाब आसान था- बेशक हम इसे खत्म करेंगे। हम उनकी कुर्बानी का सम्मान करेंगे।अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान की तुलना हमास से की। उन्होंने कहा, ईरान ने सुरंगों, रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन पर भारी पैसा खर्च किया है, ठीक वैसे ही जैसे हमास ने किया था। अमेरिकी सेना इन सबको पूरी ताकत से निशाना बना रही है, जैसा दुनिया की कोई दूसरी सेना नहीं कर सकती।



