रायपुर। राज्य में जारी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में व्यायाम शिक्षक के पद शामिल नहीं किए जाने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले के पास पहुंचकर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें शिक्षा मंत्री से मुलाकात करने नहीं दी। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार की ओर से पूर्व में दिए गए आश्वासनों और विभागीय स्तर पर स्वीकृत पदों के बावजूद अंतिम भर्ती विज्ञापन से व्यायाम शिक्षक के पद हटा दिए गए हैं।
व्यायाम शिक्षक का एक भी पद शामिल नहीं किया गया
वर्ष 2019 में व्यायाम शिक्षक के 745 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बाद सरकार बदलने और कोविड-19 महामारी के कारण लंबे समय तक नई भर्ती नहीं हो सकी। वर्ष 2023 में शिक्षक भर्ती जारी की गई, लेकिन इसमें व्यायाम शिक्षक का एक भी पद शामिल नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप, 300 पदों को स्वीकृति दी थी
उनका दावा है कि तत्कालीन सरकार ने 1,440 व्यायाम शिक्षक पद सृजित कर अगली भर्ती में शामिल करने की घोषणा की थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वित्त विभाग ने व्यायाम एवं योग शिक्षा के लिए 300 पदों को स्वीकृति दी थी।
वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में इन पदों को शामिल नहीं किया
हालांकि योग शिक्षा का सेटअप तैयार नहीं होने के कारण 146 योग शिक्षक पद समाप्त कर दिए गए। इसके बाद शेष 154 पद व्यायाम शिक्षक के लिए स्वीकृत रहे। बाद में योग और कंप्यूटर शिक्षक के कुल 292 पद सहायक शिक्षकों को आवंटित कर दिए गए, जबकि व्यायाम शिक्षकों के 154 पद यथावत रखे गए थे। बावजूद इसके वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में इन पदों को शामिल नहीं किया गया है।




