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हवा और पानी के बाद अब बिकेगी धूप: 50,000 मिरर स्पेस में भेजने का प्लान, एक घंटे के लिए देने होंगे 4 लाख रुपये

नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि सूरज ढलने के बाद भी आपको दिन जैसी रोशनी मिल सकती है? कैलिफोर्निया स्थित स्टार्टअप रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल (Reflect Orbital) कुछ ऐसा ही कर दिखाने की तैयारी में है। कंपनी ने अंतरिक्ष में 50,000 विशालकाय दर्पण (शीशे) भेजने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी की योजना रात के अंधेरे में धूप बेचकर कमाई करने की है।
क्या है यह फ्यूचरिस्टिक प्रोजेक्ट?
स्टार्टअप की योजना के मुताबिक, पृथ्वी की कक्षा में 400 मील ऊपर सैटेलाइट्स पर लगे 50,000 आईनों का एक जाल बिछाया जाएगा। ये आईने रात में सूरज की किरणों को रिफ्लेक्ट कर सौर ऊर्जा फार्मों, शहर की सड़कों या आपातकालीन राहत कार्यों वाले क्षेत्रों में पहुंचाए जाएंगे।

कंपनी के सीईओ बेन नोवाक के अनुसार, यह तकनीक सौर ऊर्जा को 24 घंटे उपलब्ध करा सकती है, जिससे जीवाश्म ईंधन की खपत कम होगी। कंपनी अब तक निवेशकों से करीब 235 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।

कंपनी धरती पर बेचेगी धूप
हालांकि, रात में धूप मंगाना काफी महंगा सौदा होगा। कंपनी एक शीशे से एक घंटे तक रोशनी देने के लिए $5,000 (करीब 4.2 लाख रुपये) वसूलने की योजना बना रही है। इसके लिए ग्राहक को साल में कम से कम 1,000 घंटे का कॉन्ट्रैक्ट साइन करना होगा। आपातकालीन स्थितियों के लिए यह कीमत और भी अधिक हो सकती है।

क्यों हो रहा है विवाद?
भले ही यह विचार किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा रोमांचक लगे, लेकिन वैज्ञानिकों ने इस पर गंभीर चिंता जताई है।

  • एक्सपर्ट्स का मानना है कि रात में कृत्रिम रोशनी से इंसानों और जीव-जंतुओं की सर्केडियन रिदम (सोने-जागने का चक्र) बिगड़ सकती है।
  • असमय रोशनी से पक्षियों का प्रवास और पौधों के फूल खिलने का चक्र प्रभावित हो सकता है।
  • अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार, इतने सारे चमकते सैटेलाइट्स से टेलीस्कोप के जरिए अंतरिक्ष का निरीक्षण करना मुश्किल हो जाएगा।

स्टार्टअप ने अमेरिकी नियामक FCC को लाइसेंस के लिए आवेदन दिया है। यदि अनुमति मिलती है, तो इस गर्मी में पहला प्रोटोटाइप सैटेलाइट लॉन्च किया जा सकता है।

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