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‘अब हमारी बारी’, ट्रंप के इतना कहते ही अमेरिका ने ईरान पर फिर बोला हमला, IRGC के 4 कमांडरों की मौत

वॉशिंगटन डीसी/ तेहरान। अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ हवाई हमले शुरू कर दिए. अमेरिकी अधिकारी के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह बमबारी रोककर बातचीत के लिए मौका दिया था, लेकिन जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए मिसाइल हमले के बाद सैन्य अभियान दोबारा शुरू कर दिया गया. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से एक दिन पहले जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गई थीं. अमेरिकी सेना का दावा है कि सभी मिसाइलों को बीच रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर लिया गया. वहीं ईरान ने कहा है कि बुधवार को हुए हमले में ईरान के 4 सैनिक मारे गए हैं.

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर ‘बहुत जोरदार’ हमला करेगा. उन्होंने कहा, ‘अब हमारी बारी है.’ ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने मिसाइल हमला करना अपनी गलती माना और अमेरिका से जवाबी कार्रवाई नहीं करने की अपील की. हालांकि ईरान की ओर से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

13 रात की बमबारी के बाद रुकी थी जंग

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले लगातार 13 रात तक ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे. इसके बाद बातचीत की संभावना को देखते हुए बमबारी अस्थायी रूप से रोक दी गई थी. लेकिन जॉर्डन में हुए मिसाइल हमले के बाद पांच दिन के भीतर ही यह सैन्य अभियान फिर शुरू हो गया.

IRGC के 4 सदस्यों की मौत का दावा

इस बीच ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि इराक के दियाला प्रांत में अमेरिका और सऊदी अरब के संयुक्त हवाई हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के चार सदस्य मारे गए. रिपोर्ट में उनकी पहचान अली असगर अस्तानेह, अबोलफजल मोताकी, मोर्तजा अकबरी और अमीर अब्बास दरहमफोरूश के रूप में की गई है. एजेंसी के मुताबिक, चारों ईरान के काशान शहर के रहने वाले थे.

20 ईरानी सलाहकारों के मारे जाने की भी रिपोर्ट

उधर, द न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया कि संयुक्त हमलों में करीब 20 ईरानी सलाहकार, जिनमें IRGC के सदस्य और तकनीकी सलाहकार शामिल थे, मारे गए. रिपोर्ट के मुताबिक, इन ठिकानों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वहां ईरान समर्थित समूहों को मिसाइल और ड्रोन संचालन में मदद देने वाले सलाहकार मौजूद थे.

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