नई दिल्ली। इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए जेईई मेन-2026 के नतीजे सोमवार को जारी होने की संभावना है। जेईई मेन की जनवरी और अप्रैल सत्र की परीक्षा के आधार पर जेईई मेन की अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी। इसके बाद जेईई एडवांस के लिए 23 अप्रैल को आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जेईई मेन की मेरिट में से शीर्ष 2.5 लाख सफल उम्मीदवार जेईई एडवांस की 17 मई को होने वाली परीक्षा में शामिल होंगे। इसका परिणाम एक जून को जारी होगा।
जेईई मेन रिजल्ट के बाद क्या है आईआईटी में एडमिशन की प्रक्रिया?
- जेईई मेन रिजल्ट आने के बाद आईआईटी में एडमिशन की प्रक्रिया सीधे शुरू नहीं होती है। बल्कि पहले तो आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए छात्र को 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करने होते हैं। वहीं, SC,ST और PwD के छात्रों को 65 प्रतिशत अंक लाने जरूरी हैं।
- इसके बाद छात्रों को जेईई मेन परीक्षा देनी होती है। इसमें अच्छा स्कोर करने वाले टॉप 2.5 लाख के करीब छात्र जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई करते हैं।
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- जेईई एडवांस्ड परीक्षा आईआईटी में प्रवेश के लिए है।
- जेईई एडवांस्ड में प्रदर्शन के आधार पर छात्रों को ऑल इंडिया रैंक दी जाती है। यह रैंक ही तय करती है कि छात्र को कौन-सा आईआईटी और कौन-सी ब्रांच मिलेगी।
- इसके बाद आता है JoSAA (Joint Seat Allocation Authority) काउंसलिंग प्रोसेस। इसमें छात्र अपनी पसंद के कॉलेज और ब्रांच भरते हैं।
- जोसा काउंसलिंग कई राउंड (6 या 7) में होती है। हर राउंड में सीट अलॉटमेंट होता है। छात्र अपनी सीट को स्वीकार कर सकते हैं, अपग्रेड का विकल्प चुन सकते हैं या आगे के राउंड का इंतजार कर सकते हैं।
- जेईई एडवांस्ड के बाद देश के 23 आईआईटी संस्थानों में ही दाखिला मिलता है।
- आईआईटी की सीट मिलने के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस जमा करने की प्रक्रिया होती है। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही एडमिशन होता है।



