छत्तीसगढ़

ज्ञानवापी मस्जिद केस : परिसर में दोबारा एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही की मांग, याचिका पर सुनवाई आज

वाराणसी I ज्ञानवापी मस्जिद मामले में एक बार दोबारा ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे करने की याचिका का मामला सामने आया है। दरअसल हिंदू पक्ष की ओर से यह याचिका पहले ही डाली गई थी लेकिन अदालत में केस के सुनवाई के अधिकार (केस के पोषणीयता का अधिकार) को लेकर अदालत में सुनवाई के चलते ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के पुन: सर्वे को लेकर यह याचिका लंबित चल रही थी।

आखिरकार लंबे समय के बाद अदालत में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में नए सिरे से एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही किए जाने की मांग पर अब सोमवार की दोपहर अदालत में सुनवाई होने जा रही है। ज्ञानवापी परिसर में दोबारा एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही की मांग को लेकर वादी लक्ष्मी देवी और मुकदमे के पैरोकार सोहन लाल आर्य की ओर से परिसर में पुन: सर्वे की मांग की थी। अब इस मामले में पोषणीयता पर अदालत का फैसला हिंदू पक्ष की ओर आने के बाद से ही चर्चा थी कि परिसर में दोबारा सर्वे किए जाने पर याचिका पर सुनवाई हो सकती है।

हिंदू पक्ष की याचिका में मांग

वाराणसी जिला जज के न्यायालय में 82 ग पर सुनवाई के अन्तर्गत पश्चिमी दीवार के मलबे की जांच व प्राप्त शिवलिंग की दीवार को तोड़कर उसकी वास्तविक लम्बाई ,अरघा की स्थिति पर दी गयी याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने जा रही है। इस मामले में हिंदू पक्ष की ओर से लक्ष्‍मी देवी और मुकदमे के पैरोकार सोहन लाल आर्य की ओर से अधिवक्ता सुभाष नन्दन चतुर्वेदी, सुधीर जी और दीपक सिंह रहेंगें।

दोबारा सर्वे की पड़ी जरूरत 

हिंदू पक्ष ने एडवोकेट कमिश्‍नर द्वारा ज्ञानवापी सर्वे के दौरान पाया था कि कई जगहों पर दीवारों को ईंटों से बंद किया गया है। तहखाने में भी पर्याप्‍त सर्वे नहीं हो सका था क्‍योंकि तमाम जगहों पर मलबे पड़े थे और कुछ इलाकों को घेर कर बंद कर दिया गया था। ऐसे में अदालत के सर्वे के आदेश को पूरी तरह से एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही के दौरान पूरा नहीं किया जा सका था। ऐसे में हिंदू पक्ष ने परिसर में दीवारों को बंद करने के मकसद और उसके पीछे की वस्‍तु स्थिति जांचने की मांग की थी।