तेहरान। ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी युद्ध विराम के लिए अपनी शर्तें सामने रखी हैं। ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव का जवाब पाकिस्तान के जरिये भेजा और साफ कहा कि वह अस्थायी युद्ध विराम नहीं, बल्कि युद्ध का स्थायी अंत चाहता है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
युद्धविराम के लिए ईरान ने क्या शर्तें रखीं?
आईआरएनए के मुताबिक, ईरान ने 10 शर्तें रखी हैं। इन शर्तों में क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करना, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का प्रोटोकॉल, प्रतिबंध हटाना और पुनर्निर्माण शामिल हैं।
ईरान की सेना ने क्या कहा?
इस बीच, ईरानी सेना ने कहा कि वह अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ तब तक जंग जारी रखेगा, जब तक राजनीतिक नेतृत्व उचित समझे। सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरामिनिया ने कहा, हम युद्ध को तब तक जारी रख सकते हैं, जब तक राजनीतिक नेतृत्व इसे सही मानता है। उन्होंने कहा कि इस जंग के बाद ऐसा स्तर हासिल करना जरूरी है, जिससे दुश्मन पछताए और भविष्य में फिर ऐसी स्थिति न बने।
ईरानी गैस क्षेत्र इस्राइल का दूसरा हमला
उधर, इस्राइल ने आज फिर ईरानी गैस क्षेत्र पर फिर से हमला किया। साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी गैस क्षेत्र है और यह ईरान-कतर के बीच फैला हुआ है। इस्राइल ने हमले की पुष्टि की। इसके बाद ईरान ने कहा कि संयंत्र में लगी आग को बुझाकर नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।
फार्स मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइली हमले का निशाना बने एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। इससे पहले एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि असलूयेह में साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल संयंत्र से ‘कई धमाकों’ की आवाजें सुनी गई थीं।
जारी संघर्ष के बीच इस्राइल का गैस क्षेत्र में यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे 20 दिन पहले 18 मार्च को भी इस गैस क्षेत्र को निशाना बनाया गया था।हमले के बाद इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने दावा किया कि आईडीएफ के हमले से ईरान का सबसे बड़ा पेट्रोकेमिकल संयंत्र बंद हो गया है।