तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 26वां दिन है। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पाकिस्तान के कराची जा रहे एक जहाज को होर्मुज स्ट्रेट पार करने से रोक दिया।
IRGC के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने कहा कि ‘सेलेन’ नाम के इस जहाज के पास होर्मुज पार करने इजाजत नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरानी अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी।
यह सारा मामला तब हुआ जब पाकिस्तान इस जंग में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कल ही ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशिकयान से फोन पर बात भी की थी।
वहीं, जंग की शुरूआत से अब तक भारत के 5 एलपीजी और तेल टैंकर होर्मुज से गुजर चुके हैं। इनमें जग वसंत, पाइन गैस, शिवालिक, नंदा देवी और जग लाडकी शामिल है।
ईरान में हमलों का असर…
- अब तक करीब 1,500 लोगों की मौत, 18,551 घायल।
- मरने वालों में 8 महीने के बच्चे से लेकर 88 साल तक के बुजुर्ग।
- जंग में अब तक करीब 200 महिलाओं की मौत हुई।
- 28 फरवरी को स्कूल पर हमले में 168 बच्चों की मौत हुई।
- जंग में 55 हेल्थ वर्कर्स घायल, जिनमें 11 की मौत।
रिपोर्ट- ईरान को 15 पॉइंट वाला सीजफायर प्रस्ताव मिला
ईरान को अमेरिका की तरफ से 15 पॉइंट वाला सीजफायर प्रस्ताव मिल गया है। न्यूज एजेंसी AP ने यह जानकारी पाकिस्तान के अधिकारियों के हवाले से दी है। पाकिस्तान के अधिकारियों के मुताबिक, इस प्लान में कई अहम मुद्दे शामिल हैं-
- ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत
- न्यूक्लियर प्रोग्राम को सीमित करना
- अंतरराष्ट्रीय एजेंसी की निगरानी
- मिसाइल कार्यक्रम पर कंट्रोल
- होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही
UN चीफ बोले- जंग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रहा
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्किए ने चेतावनी दी है कि जारी युद्ध ने खतरनाक और अनिश्चित स्थिति पैदा कर दी है।
उन्होंने कहा, “संघर्ष इतना गंभीर है कि यह पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है।”
ईरान में 26 दिन से इंटरनेट बंद, लोग दुनिया से कटे
ईरान में इंटरनेट शटडाउन अब 26वें दिन में पहुंच गया है। यह 600 घंटे से ज्यादा समय से जारी है।
इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप नेटब्लॉक्स के अनुसार, इस कदम के कारण आम लोग अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से पूरी तरह कट गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तरह की इंटरनेट बंदी से लोग न तो बाहरी दुनिया से संपर्क कर पा रहे हैं और न ही सही जानकारी हासिल कर पा रहे हैं, जिससे हालात और कठिन हो गए हैं।
ईरान जंग का पूरी दुनिया पर असर, कई देशों में स्कूल-मॉल बंद
ईरान जंग का असर अब पूरी दुनिया में दिखने लगा है। लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और विकासशील देशों को हो रही है। इन देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं और आम लोगों की जिंदगी मुश्किल होती जा रही है।
दरअसल, खाड़ी इलाके में लड़ाई की वजह से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम रास्ते बंद होने से तेल की कमी हो गई है। इसका सीधा असर उन देशों पर पड़ा है जो बाहर से तेल मंगाते हैं।
पाकिस्तान की हालत काफी खराब होती जा रही है। देश अपनी लगभग 80% ऊर्जा बाहर से मंगाता है। अब वहां पेट्रोल और डीजल की कमी होने लगी है। हालात संभालने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं, जैसे स्कूल बंद कर दिए गए हैं, सरकारी दफ्तरों में 4 दिन का काम तय किया गया है और कई कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया है।
सरकार ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं ताकि लोगों को राहत मिल सके, लेकिन आगे चलकर कीमतें बढ़ सकती हैं।
बांग्लादेश में भी हालात ठीक नहीं हैं। वहां 95% तेल आयात होता है और कई जगह पेट्रोल पंप खाली हो चुके हैं। वहीं श्रीलंका ने पेट्रोल बचाने के लिए हर बुधवार छुट्टी घोषित कर दी है और लोगों के लिए फ्यूल पास सिस्टम शुरू किया है।
मिस्र में सरकार ने दुकानों और मॉल को जल्दी बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम 15 से 22% तक बढ़ा दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम जरूरी था, नहीं तो हालात और खराब हो सकते थे।
एक्सपर्ट का कहना है कि इन देशों में आम लोग अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खाने और ईंधन पर खर्च करते हैं। ऐसे में कीमत बढ़ने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। साथ ही, डॉलर के मुकाबले इन देशों की मुद्रा कमजोर हो रही है, जिससे तेल आयात और महंगा हो गया है।
UAE बोला- हमें हथियार नहीं, भरोसेमंद साथियों की जरूरत
UAE के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गरगश ने कहा है कि उनके देश को इस समय ज्यादा सेना या हथियारों की जरूरत नहीं है। सबसे जरूरी बात यह है कि UAE को साफ पता होना चाहिए कि मुश्किल समय में कौन-से देश उसके साथ खड़े होंगे। यानी उन्हें अपने सहयोगियों पर भरोसा और स्पष्ट समर्थन चाहिए।
गरगश ने यह भी कहा कि UAE पहले ही दिखा चुका है कि वह चुनौतियों का सामना कर सकता है, लेकिन अब उसे मजबूत और भरोसेमंद साथियों की जरूरत है। इससे पहले उन्होंने अरब लीग और OIC जैसे संगठनों पर भी सवाल उठाए थे कि इस संकट के समय उनकी भूमिका क्यों नजर नहीं आ रही।
हिजबुल्लाह ने इजराइली सैनिकों पर तीन रॉकेट दागे
हिजबुल्लाह ने कहा है कि उसने दक्षिणी लेबनान के कौजाह शहर में इजराइली सैनिकों और सेना के वाहनों के एक समूह को निशाना बनाया। समूह के अनुसार, इस हमले में तीन बार रॉकेट दागे गए।
इराक में 7 लड़ाकों की मौत, 13 घायल
इराक के पश्चिमी इलाके अनबार प्रांत में हुए हमले में कम से कम 7 लड़ाकों की मौत हो गई है, जबकि 13 घायल हो गए।
ईरान बोला- ट्रम्प की बातचीत पर भरोसा नहीं कर सकते
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा है कि ट्रम्प की बातचीत और कूटनीति के दावे पर भरोसा नहीं कर सकते।
इंडिया टुडे से बातचीत में बगाई ने बताया कि कई देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों से संदेश आ रहे हैं और हमने उनका जवाब भी दिया है। हमारा रुख साफ है हम अपनी रक्षा जारी रखेंगे।”
बगाई ने कहा कि अमेरिका का बातचीत करने का दावा सच्चाई से मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा, “ ईरान पर लगातार अमेरिका और इजराइल की ओर से बमबारी और मिसाइल हमले हो रहे हैं। ऐसे में उनकी कूटनीति और मध्यस्थता की बात भरोसेमंद नहीं लगती। उन्होंने ही यह युद्ध शुरू किया है और वे लगातार हमले कर रहे हैं, तो क्या कोई इस दावे पर विश्वास कर सकता है?”
पाकिस्तान की भूमिका पर पूछे जाने पर बगाई ने कहा कि ईरान को इस्लामाबाद की नीयत अच्छी लगती है। उन्होंने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपने पाकिस्तानी समकक्ष और अन्य देशों के राजनयिकों के संपर्क में हैं।



