तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। ईरान ने इजराइल पर 83वीं बार मिसाइल हमला किया। इस बार मिसाइलों पर थैंक्यू इंडिया लिखकर भेजा गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिखा कि ईरानी सैनिक मिसाइलों पर थैंक्यू पीपल ऑफ इंडिया लिख रहे हैं।
इसी तरह स्पेन, पाकिस्तान और जर्मनी के लिए भी संदेश लिखे गए। ईरान ने कहा कि यह कदम उन देशों के प्रति आभार जताने के लिए है जिन्होंने उसका समर्थन किया।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के मुताबिक, यह 83वीं स्ट्राइक थी, जिसमें लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइलें और ड्रोन इस्तेमाल किए गए।
हमलों में इजराइल के ठिकानों के साथ खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। बहरीन में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े एक ठिकाने पर हमला होने का दावा किया गया है।
ईरान बोला- अमेरिका ने जमीनी सेना भेजी तो हालात नहीं संभाल पाएगा
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने जमीनी सेना उतारी, तो हालात संभालना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों की सुरक्षा भी ठीक से नहीं कर पा रहा है, ऐसे में ईरान की जमीन पर उन्हें कैसे सुरक्षित रखेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने युद्धपोत और हजारों सैनिक तैनात कर रहा है और जमीनी कार्रवाई की चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि फिलहाल अमेरिका की जमीनी सेना भेजने की कोई योजना नहीं है।
अबू धाबी में मारे गए भारतीय का शव जल्द वापस लाया जाएगा
अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से मारे गए भारतीय नागरिक का शव जल्द भारत लाया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस दिशा में भारतीय मिशन काम कर रहा है।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पार्थिव शरीर को जल्द भारत भेजने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में है और सभी औपचारिकताओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार ने कहा है कि प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता दी जा रही है।
जर्मनी ने रूस पर ईरान की मदद का आरोप लगाया
जर्मनी ने रूस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह ईरान को हमले के टारगेट पहचानने में मदद कर रहा है। फ्रांस में G7 बैठक के दौरान जर्मनी के विदेश मंत्री ने कहा कि रूस मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध से ध्यान भटकाने के लिए कर रहा है।
उन्होंने कहा कि रूस ईरान को संभावित हमलों के टारगेट की जानकारी दे रहा है। इससे दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग साफ दिखता है। जर्मनी के मुताबिक, मिडिल ईस्ट और यूक्रेन के संघर्ष आपस में जुड़े हुए हैं और इन्हें अलग-अलग नहीं देखा जा सकता।
ईरान बोला- सुप्रीम लीडर मुजतबा सुरक्षा कारणों से नजर नहीं आ रहे
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से नजर न आने पर सरकार ने सफाई दी है। कहा गया है कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और सुरक्षा कारणों से सामने नहीं आ रहे।
ईरान के एक अधिकारी ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा कारणों से खामेनेई सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, लेकिन वह देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
खामेनेई पिछले महीने अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि शुरुआती हमलों के दौरान उन्हें हल्की चोटें आई थीं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हूती विद्रोहियों ने ईरान के लिए जंग में उतरने की चेतावनी दी
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले बढ़ाए, तो वे जंग में उतर सकते हैं।
हूती प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि यमन ईरान के समर्थन में जंग में शामिल हो सकता है। अधिकारी ने इसे धार्मिक, नैतिक और मानवीय जिम्मेदारी बताया। हूतियों ने कहा कि अगर हालात और बिगड़े, तो वे पहले ही हस्तक्षेप कर सकते हैं और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करना भी एक विकल्प है।
यह स्ट्रेट ग्लोबल शिपिंग के लिए बेहद अहम है और इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि, अभी तक हूती नेतृत्व ने औपचारिक रूप से जंग में शामिल होने का ऐलान नहीं किया है, लेकिन उनकी चेतावनी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान बोला- भारतीय बच्चों का गुल्लक दान करना कभी नहीं भूलेंगे
ईरान ने भारतीय बच्चों द्वारा गुल्लक दान करने पर भावुक प्रतिक्रिया दी है। ईरान के भारत स्थित दूतावास ने कहा कि इस मदद को वह कभी नहीं भूलेंगे।
दूतावास ने कहा कि भारतीय बच्चों का अपनी गुल्लक दान करना ‘प्यार भरा तोहफा’ है, जिसे कभी नहीं भुलाया जाएगा। दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा कि छोटे-छोटे बच्चों ने अपने छोटे हाथों से जो मदद दी, वह बेहद खास है और दोनों देशों के रिश्तों की गहराई को दिखाती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक जम्मू-कश्मीर समेत कई जगहों पर बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़कर ईरान के लिए पैसे दान किए। ईरान दूतावास ने कहा कि यह दया और समर्थन उनके लिए बेहद मायने रखता है और इसे हमेशा याद रखा जाएगा।
इजराइल ने ईरान पर हमले और तेज करने की चेतावनी दी
इजराइल ने ईरान पर अपने हमलों को और तेज करने की चेतावनी दी है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि ईरान की मिसाइल हमलों के जवाब में अब कार्रवाई और बड़ी होगी।
उन्होंने कहा कि ईरान को नागरिक इलाकों पर मिसाइल हमले रोकने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद हमले जारी रहे। ऐसे में इजराइल अब अपने हमलों का दायरा बढ़ाएगा। काट्ज के
मुताबिक, अब उन अतिरिक्त ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा, जो ईरान के हथियार निर्माण और सैन्य गतिविधियों में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि इजराइल ईरान के सैन्य नेताओं और कमांडरों को लगातार निशाना बनाता रहेगा और उसकी रणनीतिक क्षमताओं को खत्म करेगा। इजराइल पिछले करीब चार हफ्तों से ईरान में लगातार हमले कर रहा है और हाल ही में एक वरिष्ठ कमांडर के मारे जाने का भी दावा किया गया है।



